Statue of Unity

                          स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री वल्लभभाई पटेल को समर्पित एक स्मारक है, जो भारतीय राज्य गुजरात में स्थित है।[5] गुजरात के तत्कालीन मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर इस विशालकाय मूर्ति के निर्माण का शिलान्यास किया था। यह स्मारक सरदार सरोवर बांध से 3.2 किमी की दूरी पर साधू बेट नामक स्थान पर है जो कि नर्मदा नदी पर एक टापू है। यह स्थान भारतीय राज्य गुजरात के भरुच के निकट नर्मदा जिले में स्थित हैयह विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति है, जिसकी लम्बाई 182 मीटर (597 फीट) है।[7] इसके बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊँची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध है, जिसकी आधार के साथ कुल ऊंचाई 208 मीटर (682 फीट) हैं। 

                                 इसके कंस्ट्रक्शन को चार स्टेज में बांटकर काम किया गया, जिनमें मॉक-अप, 3डी स्कैनिंग टेक्निक के साथ ही कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल प्रॉडक्शन टेक्निक, स्पाइनल स्ट्रक्चर। स्टैचू का मूल ढांचा कंक्रीट और स्टील से बनाया गया, स्टैचू के अंदर दीवारें, मचान और चार दूसरी साइट्स (वॉक-वे, टिकट काउंटर, फूड कोर्ट, चार लेन का हाइवे, एक यार्ड जहां स्टैचू से जुड़े सभी हिस्से को जोड़ा गया और श्रेष्ठ भारत भवन, जो कि 52 कमरों की थ्री-स्टार रिहायश है, भी डिवेलप किया गया।प्रतिमा परिसर में एक प्रदर्शनी मंजिल, एक मेमोरियल गार्डन और एक बड़ा संग्रहालय। संग्रहालय में सरदार पटेल की जिंदगी से जुड़ी कई चीजों को सहेजा गया है। इनमें उनके करसमद में जन्म से लेकर लौहपुरुष बनने तक की यात्रा, व्यक्तिगत जिंदगी और गुजरात से उनके जुड़ाव को देखा जा सकता है।प्रतिमा का डिजाइन पद्‍मभूषण राम सुतार तैयार किया है।

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